- भारत के औद्योगिक विकास और नवीनता को बढ़ावा देने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाने के लिए तैयार
- इस वर्ष के शो के विशेष फोकस क्षेत्रों में लेजर और वेल्डिंग टेक्नोलोजी, कास्टिंग और फाउंड्री और ब्रास पार्ट्स शामिल हैं तथा साथ ही रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और मेट्रोलॉजी को समर्पित विशेष क्षेत्र भी आकर्षण का केंद्र होंगे
नई दिल्ली: “इंडिया मशीन टूल्स शो” का सीमाचिह्नरुप 10वां संस्करण शुक्रवार को नई दिल्ली में शुरू हुआ। गौरतलब है कि, यह प्रदर्शनी देश में पूंजीगत वस्तुओं और विनिर्माण क्षेत्रों के लिए सबसे बड़े और प्रभावशाली मंचों में से एक है।
इस द्विवार्षिक कार्यक्रम में 11 से 14 जुलाई तक आयोजित होने वाली इस प्रदर्शनी में भारत और विदेश के मशीन टूल्स, ऑटोमेशन(स्वचालन) और इंजीनियरिंग प्रौद्योगिकियों में अत्याधुनिक नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस इवेंट में मशीन टूल्स और ऑटोमेशन पर मुख्य ध्यान केंद्रित किया गया है। साथ ही, कारखाने में उत्पादन स्थल पर आवश्यक लगभग सभी औद्योगिक उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला भी इसमें शामिल की गई है। इस प्रदर्शनी में 14 देशों के 300 से अधिक प्रदर्शकों ने 2,500 से अधिक अद्यतन औद्योगिक उत्पाद पेश किए है तथा इसमें 25 से अधिक देशों से 50,000 से अधिक बिजनेस विजीटर्स के आने की उम्मीद है।
इस प्रदर्शनी का आयोजन के एंड डी कम्युनिकेशन द्वारा किया गया है और इसे लेजर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया, लुधियाना मशीन टूल्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन और मशीन टूल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, राजकोट सहित अग्रणी व्यापारी संस्थानों का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा, इसमें जर्मनी, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका, इटली, फ्रांस, नीदरलैंड, चीन, ताइवान, कोरिया, यूएई और तुर्की सहित अन्य देशों से मजबूत अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी शामिल है।
प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर, के एंड डी कम्युनिकेशन के महाप्रबंधक अमित मिस्त्री ने कहा कि, “इंडिया मशीन टूल्स शो, आज देश में मशीन टूल्स और ऑटोमेशन तथा इंजीनियरिंग मशीनरी की सबसे बड़ी प्रदर्शनियों में से एक बन गया है। भारत वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है और इसमें मशीन टूल्स उद्योग, उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। इस शो का 10वां संस्करण भारतीय विनिर्माण की प्रतिस्पर्धात्मकता दर्शाता है और नवीनता, विकास और सहयोग के लिए उत्प्रेरक बनने के लिए तैयार है। शो के पिछले संस्करण में अनुमानित 1,295 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था और हमें विश्वास है कि, इस संस्करण में इससे भी अधिक कारोबार होगा।”
विदित हो कि, भारत वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10 मशीन टूल उत्पादकों में शामिल है। देश का मशीन टूल्स क्षेत्र वर्तमान में 2.4 बिलियन डॉलर से अधिक का है और वर्ष 2030 तक इसके 4 बिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, जो 10% से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। मशीन टूल उद्योग का एक प्रमुख चालक ऑटोमोटिव उद्योग है। वर्ष 2025 तक यह विश्व में तीसरा सबसे बड़ा उद्योग बनने तथा इसके द्वारा भारत के GDP(सकल घरेलू उत्पाद) में 12% का योगदान करने का अनुमान है। मशीन टूल्स क्षेत्र की वृद्धि एयरोस्पेस, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रिसिश़न इंजीनियरिंग की बढ़ती मांग से भी प्रेरित होगी।
प्रदर्शन में मुख्य उत्पाद श्रेणियों में कटिंग और फॉर्मिंग मशीन टूल्स, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, लेजर मशीनरी, वेल्डिंग उपकरण, इंडस्ट्रीयल सैफ्टी गियर, हाइड्रोलिक्स और न्यूमेटिक्स, परीक्षण उपकरण, कास्टिंग और फोर्जिंग घटक आदि शामिल हैं।
इस वर्ष के शो के विशेष फोकस क्षेत्रों में लेजर और वेल्डिंग टेक्नोलोजी, कास्टिंग और फाउंड्री और ब्रास पार्ट्स(पीतल के पुर्जे) शामिल हैं। इसके साथ ही रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और मेट्रोलॉजी को समर्पित विशेष क्षेत्र भी शामिल हैं।
इस प्रदर्शनी में वेंडर डेवलपमेंट मीट्स(विक्रेता विकास बैठकें), क्रेता-विक्रेता बातचीत सत्र और टेक्नोलोजी सेमिनार जैसे उच्च प्रभाव वाले सहायक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला भी आयोजित की जा रही है।
यह प्रदर्शनी पहली बार नवनिर्मित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की जा रही है, जो भारत सरकार द्वारा देश की प्रगति के प्रतीक के रूप में विकसित एक विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट(बुनियादी ढांचा परियोजना) है।
उल्लेखनीय है कि, ‘इंडिया मशीन टूल्स शो’ औद्योगिक कैलेंडर में एक बेंचमार्क इवेंट के रूप में विकसित हुआ है। इसके पिछले नौ संस्करणों ने 2,000 से अधिक प्रदर्शकों और 3,00,000 से अधिक विजीटर्स को आकर्षित किया है। इस शो के बढ़ते महत्व ने बिजनेस डेवलपमेंट और निर्यात के क्षेत्र में भागीदारी के लिए लगातार नए अवसर खोले हैं।
