Close Menu
Hello Entrepreneurs

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    एसजीटी यूनिवर्सिटी ने छात्रवृत्ति वितरण समारोह आयोजित किया

    February 13, 2026

    प्रशांत मिश्रा: उद्योग नेतृत्व से शिव साधना की ओर — अनेक सफल उपक्रमों की प्रेरक यात्रा

    February 11, 2026

    वेदांता एल्युमिनियम ने लांजीगढ़ क्षेत्र में कैंसर जागरूकता अभियान का नेतृत्व किया

    February 9, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • एसजीटी यूनिवर्सिटी ने छात्रवृत्ति वितरण समारोह आयोजित किया
    • प्रशांत मिश्रा: उद्योग नेतृत्व से शिव साधना की ओर — अनेक सफल उपक्रमों की प्रेरक यात्रा
    • वेदांता एल्युमिनियम ने लांजीगढ़ क्षेत्र में कैंसर जागरूकता अभियान का नेतृत्व किया
    • भूली-बिसरी विरासत में नई जान: हरि चंदना आईएएस की दृष्टि
    • पासी समाज का गौरवशाली इतिहास -अंशुल वर्मा पूर्व सांसद हरदोई
    • डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में Dr. Cancer पहल का लोगो लॉन्च किया
    • भगवान विश्वकर्मा जयंती पर श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हितेश विश्वकर्मा जी ने दी शुभकामनाएं
    • सभी व्यापार समझौतों की जननी – भारत-ईयू के लिए एक विशाल छलांग
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Hello EntrepreneursHello Entrepreneurs
    • होम
    • बिज़नेस
    • नेशनल
    • टेक्नोलॉजी
    • एजुकेशन
    • हेल्थ
    • स्पोर्ट्स
    Hello Entrepreneurs
    Home»एजुकेशन»बिजली नहीं, कोचिंग नहीं — फिर भी चंचल बनीं टॉपर, 99.83% के साथ चमकीं भरतपुर की बेटी
    एजुकेशन

    बिजली नहीं, कोचिंग नहीं — फिर भी चंचल बनीं टॉपर, 99.83% के साथ चमकीं भरतपुर की बेटी

    Ansh SinghBy Ansh SinghJune 7, 20253 Mins Read

    नई दिल्ली, 7 जून: राजस्थान के भरतपुर ज़िले के एक छोटे से गाँव पंडेका से आने वाली 15 वर्षीय चंचल मेहरा ने RBSE कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में 500 में से 499 अंक हासिल किए हैं। 99.83% के साथ वह राज्य की टॉप करने वाली छात्राओं में शामिल हैं, यह साबित करते हुए कि संसाधनों की कमी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती, अगर इरादे मजबूत हों।

    साधन-संसाधनों की सीमित पहुंच के बावजूद चंचल ने यह सफर तय किया है। वह संयुक्त परिवार में रहती हैं —दादा-दादी, चाचा-चाची, भाई-बहन, सभी एक ही छत के नीचे। उनके पिता धर्मपाल लगभग 600 किलोमीटर दूर एक शहर में काम करते हैं, ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके। इसका मतलब ये भी था कि इस बेहद अहम शैक्षणिक वर्ष में वे चंचल के साथ कम ही समय बिता पाए। चंचल की पढ़ाई और दिनचर्या की जिम्मेदारी मुख्यतः उनकी मां और छोटे भाई पर रही, जबकि पिता फोन पर सीमित बातचीत के ज़रिए उनका हौसला बढ़ाते रहे।

    “ऐसे दिन भी आए जब शाम को बिजली नहीं होती थी। इनवर्टर न होने की वजह से मैं मम्मी का फोन भी चार्ज नहीं कर पाती थी जिससे ऑनलाइन क्लास देख सकूं,” चंचल याद करती हैं। “उस समय तो लगा था कि शायद मैं परीक्षा भी पास न कर पाऊं।”

    बिजली की अनियमित आपूर्ति, कोचिंग की गैर-मौजूदगी और पढ़ाई के सीमित साधनों के बीच चंचल की तैयारी बहुत योजनाबद्ध नहीं थी। उन्होंने कोई सख़्त टाइमटेबल नहीं बनाया — बल्कि छोटे-छोटे समय निकालकर पढ़ाई की, घर के कामों और भाई के साथ खेलने के बीच।

    अक्टूबर से उन्होंने गंभीरता से पढ़ाई शुरू की, लेकिन असली बदलाव जनवरी में आया जब परिवार ने घर में इनवर्टर लगवाया। “बिजली बेहतर हुई तो मैंने मम्मी के फोन पर फिज़िक्सवाला की ऑनलाइन क्लास देखनी शुरू की। सुबह 5 बजे उठकर मैथ्स की क्लास लेती थी। समझना आसान हो गया,” चंचल बताती हैं। “मैंने चैप्टर वाइज सिलेबस पूरा किया और लगातार पढ़ाई की।”

    हर सुबह चंचल बस से स्कूल जातीं, स्कूल में होमवर्क निपटातीं, और घर लौटकर शाम को बिजली मिलते ही रिवीजन करतीं। आत्मविश्वास धीरे-धीरे बढ़ा। “जब प्रश्न पत्र देखा तो लगा कि मैं कर लूंगी। टॉप करूंगी ये नहीं सोचा था, लेकिन पास ज़रूर हो जाऊंगी, ये भरोसा था।”

    हालात हमेशा चुनौतीपूर्ण रहे — कभी कम बैटरी, तो कभी लंबे घंटों तक पढ़ाई — लेकिन चंचल मानती हैं कि परिवार का सहयोग ही सबसे बड़ी ताक़त बना। “हमारे पास बहुत कुछ नहीं था, लेकिन मैं उनसे हर बात कर सकती थी,” वह कहती हैं।

    उनके पिता आज भी उनके सबसे बड़े सपोर्टर हैं। “मेरा सपना है कि वह IAS अफसर बने। वह बहुत होशियार और मेहनती है। मैं उसे हर संभव सहायता दूंगा,” वे कहते हैं।

    चंचल भी यही सपना देखती हैं, लेकिन सबसे पहले वह इंजीनियर बनना चाहती हैं। अगला लक्ष्य: JEE की तैयारी। उसके बाद, सिविल सेवा।

    <p>The post बिजली नहीं, कोचिंग नहीं — फिर भी चंचल बनीं टॉपर, 99.83% के साथ चमकीं भरतपुर की बेटी first appeared on PNN Digital.</p>

    Ansh Singh
    • Website

    Related Posts

    एसजीटी यूनिवर्सिटी ने छात्रवृत्ति वितरण समारोह आयोजित किया

    February 13, 2026

    ब्रेकआउट वर्ष के बाद KRAFTON इंडिया 2026 में राइजिंग स्टार प्रोग्राम के साथ लौटा

    January 22, 2026

    पारुल यूनिवर्सिटी ने की अपने इंटरनेशनल फोकलोर फेस्टिवल के तीसरे संस्करण की सफलतापूर्वक मेज़बानी

    December 1, 2025
    Top Posts

    एसजीटी यूनिवर्सिटी ने छात्रवृत्ति वितरण समारोह आयोजित किया

    February 13, 2026

    अर्थ इंफ़्रास्ट्रक्स्चर के सिद्धार्थ कटयाल बने भूमिका ग्रुप के सीईओ

    September 4, 2024

    भारतीय निर्माता और व्यापारी ‘इस बार इंटरनेशनल व्यापार’ के लिए तैयार – वैश्विक विस्तार का एक नया अवसर

    September 10, 2024
    Don't Miss

    एसजीटी यूनिवर्सिटी ने छात्रवृत्ति वितरण समारोह आयोजित किया

    February 13, 2026

    गुरुग्राम (हरियाणा), फरवरी 13: श्री गुरु गोबिंद सिंह ट्राइसेन्टीनरी यूनिवर्सिटी (एसजीटी यूनिवर्सिटी), गुरुग्राम ने अपने…

    प्रशांत मिश्रा: उद्योग नेतृत्व से शिव साधना की ओर — अनेक सफल उपक्रमों की प्रेरक यात्रा

    February 11, 2026

    वेदांता एल्युमिनियम ने लांजीगढ़ क्षेत्र में कैंसर जागरूकता अभियान का नेतृत्व किया

    February 9, 2026

    भूली-बिसरी विरासत में नई जान: हरि चंदना आईएएस की दृष्टि

    February 9, 2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • YouTube
    • TikTok
    • WhatsApp
    • Twitter
    • Instagram
    Latest Reviews
    Hello Entrepreneurs
    © 2026 Hello Entrepreneurs. Designed by Primex Media..

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.